छत्तीसगढ़

बिजली लाइन विवाद: करंट फैलने पर मदद मांगने गए युवक से मारपीट

Shantanu Roy
24 Nov 2025 11:08 PM IST
बिजली लाइन विवाद: करंट फैलने पर मदद मांगने गए युवक से मारपीट
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Pachpedi. पचपेड़ी। पचपेड़ी में आरडीएसएस योजना के तहत बिजली लाइन खींचने के दौरान करंट फैलने से उत्पन्न विवाद ने जोर पकड़ लिया है। करंट के कारण घर में खतरा महसूस करने पर मदद मांगने पहुंचे युवक से कथित तौर पर बिजली विभाग के कर्मचारी और स्थानीय थाना स्टाफ ने मारपीट की, जबकि पुलिस ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
करंट फैलने से घबराए परिजन, मदद मांगने पर विवाद
पचपेड़ी निवासी प्रीतम के घर के पास शनिवार शाम आरडीएसएस योजना के तहत बिजली विभाग का तार खींचने का काम चल रहा था। इसी दौरान घर के किचन और बाथरूम में करंट फैलने लगा। स्थिति को गंभीर समझते हुए प्रीतम का भाई मौके पर पहुंचा और कर्मचारियों से तत्काल सुधार कार्य करने की मांग की।
लेकिन कर्मचारियों ने रात होने का हवाला देते हुए काम करने से इनकार कर दिया। पीड़ित पक्ष के बार-बार अनुरोध के बावजूद कर्मचारी सुनने को तैयार नहीं थे। इस पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि विभाग के 4–5 कर्मचारियों ने युवक से मारपीट की और यह कहते हुए भगा दिया—“जहां शिकायत करनी है, कर दो।”
थाना पहुंचा पीड़ित, पुलिस ने कहा—बिजली विभाग का मामला
घटना की जानकारी मिलने पर प्रीतम खुद पचपेड़ी थाना पहुंचा। लेकिन थाना स्टाफ ने इसे बिजली विभाग का मामला बताते हुए शिकायत लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर न्याय की मांग की। वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
विभाग ने जांच शुरू, दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन
ग्रामीण अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े ने बताया कि शनिवार को आरडीएसएस योजना का काम चल रहा था, लेकिन रात होने के कारण काम रोक दिया गया। इसी को लेकर विवाद बढ़ा। कर्मचारियों ने दावा किया कि पीड़ित का भाई दफ्तर में गाली-गलौज कर रहा था। बिजली विभाग बिलासपुर संभाग के ईडी ए.के. अंबस्ट ने कहा, “पीड़ित का वीडियो प्राप्त हुआ है। अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े और कार्यपालन यंत्री अनुपम सरकार को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
सोशल मीडिया पर मामले के वायरल होने के बाद विभागीय जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह घटना ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कार्यों के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता की आवश्यकता को फिर से उजागर करती है। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया उपयोगकर्ता दोनों ही प्रशासन और बिजली विभाग से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
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